कोरोना वैक्सीन : टीकाकरण में फर्जीवाड़ा #💉टीकाकरण में फर्जीवाड़ा❗

तीसरे चरण में केंद्र, राज्य और निजी क्षेत्र के लिए टीकाकरण खोले जाने और उनमें अलग-अलग कीमतों के बाद नया फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है।

 इसके तहत ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद वैक्सीनेशन सेंटर पर नहीं पहुंचने के बावजूद टीका लगा हुआ दिखाया जा रहा है। 
इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नेशनल हेल्थ अथारिटी ने ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए ओटीपी को अनिवार्य बना दिया है। 
शनिवार से आनलाइन पंजीकरण कराने वालों को उनके मोबाइल पर चार अंकों का ओटीपी भी आएगा।
टीकाकरण के पंजीकरण और सर्टिफिकेट जारी करने वाले कोविन प्लेटफार्म की जिम्मेदारी संभाल रहे नेशनल हेल्थ अथारिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में कई ऐसे लोगों को वैक्सीन की पहली डोज मिलने का मैसेज मिला, जो वैक्सीन लेने गए ही नहीं थे।
 जब इसकी जांच की गई, तो पाया गया कि कुछ लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद वैक्सीनेशन सेंटर समेत तारीख और समय भी दिया गया था, लेकिन वे किसी कारणवश वैक्सीन लेने नहीं जा पाए थे। इसके बावजूद निजी वैक्सीनेशन सेंटर ने कोविन प्लेटफार्म पर यह दिखा दिया कि उन्हें टीका लगा दिया गया है।         

            फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ओटीपी जरूरीगड़बड़ी पकड़ में आने के बाद नेशनल हेल्थ अथारिटी ने इसे रोकने के लिए ओटीपी को जरूरी बना दिया है। अब ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। वैक्सीन लगने के बाद वैक्सीनेशन सेंटर को यह ओटीपी बताना होगा। ओटीपी डालने के बाद ही कोविन प्लेटफार्म से उसे वैक्सीन लेने का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। वैसे नेशनल हेल्थ अथारिटी ने यह नहीं साफ किया कि बिना वैक्सीन लगे ही किसी व्यक्ति को वैक्सीन लगा हुआ दिखाने के बाद बची हुई वैक्सीन का क्या किया जा रहा था। यदि वे यह वैक्सीन किसी दूसरे व्यक्ति तो लगाते थे, तो उसकी जानकारी कोविन पोर्टल पर अपलोड करते थे या नहीं।अथारिटी ने यह भी साफ नहीं किया कि इस तरह से कितने लोगों को फर्जी तरीके से वैक्सीन लगा हुआ दिखाया गया है। #💉टीकाकरण में फर्जीवाड़ा❗
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